लूणदा। आगामी पंचायतीराज चुनाव 2026 को लेकर गुरुवार को भीण्डर पंचायत समिति क्षेत्र में सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। लॉटरी के परिणाम सामने आते ही गांवों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गईं। लूणदा ग्राम पंचायत में सरपंच पद एससी ओपन के लिए आरक्षित हुआ है, जबकि अमरपुरा जागीर में ओबीसी ओपन सीट तय हुई है। प्रदेश में सरपंच और वार्ड पंचों के आरक्षण की प्रक्रिया 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर निर्धारित थी।
पहली बार एससी के खाते में लूणदा की सरपंची
लूणदा ग्राम पंचायत में इस बार आरक्षण ने कई दावेदारों के चुनावी समीकरण बदल दिए हैं। लूणदा में पहली बार एससी वर्ग के लिए सरपंच पद आरक्षित हुआ है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार लूणदा ग्राम पंचायत की कुल आबादी 5248 थी। इनमें एससी वर्ग की आबादी 363 तथा एसटी वर्ग की आबादी 2529 बताई गई है। शेष आबादी सामान्य एवं ओबीसी वर्ग की है। जानकारी के अनुसार पूर्व में लूणदा ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए एससी वर्ग का आरक्षण नहीं हुआ था। इस बार आरक्षण प्रक्रिया में एससी वर्ग के लिए सीट निकलने से गांव की राजनीति में नया समीकरण बन गया है।
ओबीसी सीट की उम्मीद लगाए बैठे दावेदारों को झटका
लूणदा में कई ओबीसी
वर्ग के भावी सरपंच आरक्षण की लॉटरी पर नजर लगाए बैठे थे। उम्मीद थी कि इस बार सीट
ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित होगी और चुनावी मैदान में उतरने का रास्ता साफ होगा।
लेकिन लॉटरी में एससी ओपन सीट निकलने के बाद इन
दावेदारों के अरमानों पर पानी फिर गया।
वहीं, दूसरी ओर अमरपुरा जागीर में ओबीसी ओपन सीट निकलते
ही संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है। अब यहां ओबीसी वर्ग से सरपंच पद के लिए दावेदार सामने आने
लगे हैं और गांव की चुनावी तस्वीर तेजी से बदलने की संभावना है। वहीं सरपंचों मे देखे तो कांग्रेस समर्थित प्रकाश चन्द्र सुथार, शिवनारायण जाट भाजपा से समर्थित गोविन्द सुथार व भाजपा केरेश्वर मंडल भवर
लाल जाट दावेदार मानें जा रहे है।
लूणदा में अब तक किसके हाथ रही सरपंची?
- 1985-1990: विजय सिंह कृष्णावत — सामान्य सीट
- 1990-1995: रतन लाल धाकड़ — ओबीसी सीट
- 1995-2000: कन्हैया लाल मीणा — एसटी सीट
- 2000-2005: भैरू सिंह चौहान — सामान्य सीट
- 2005-2010: भंवरी बाई धाकड़ — ओबीसी महिला
- 2010-2015: भारत सिंह कृष्णावत — सामान्य सीट
- 2015-2020: नारायण लाल मीणा — सामान्य सीट
- 2020-2026: गोदावरी धाकड़ — महिला अनारक्षित सीट
अब 2026 के चुनाव में पहली बार एससी ओपन सीट होने
से लूणदा की चुनावी तस्वीर पूरी तरह नए रंग में नजर आएगी।
अमरपुरा जागीर में आरक्षण ने खोले नए रास्ते
अमरपुरा जागीर
ग्राम पंचायत में इस बार ओबीसी ओपन सीट आरक्षित हुई है। ऐसे में ओबीसी वर्ग के
संभावित सरपंच दावेदारों की सक्रियता बढ़ना तय माना जा रहा है। लंबे समय से चुनावी
तैयारी कर रहे दावेदार अब आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद अपने समीकरण बैठाने
में जुट गए हैं।
अमरपुरा जागीर में अब तक की सरपंची
- 1980-1985: छगन लाल जैन — सामान्य सीट
- 1985-1990: जवान सिंह राठौड़ — सामान्य सीट
- 1990-1995: जवान सिंह राठौड़ — सामान्य सीट
- 1995-2000: बालू लाल सुथार — ओबीसी सीट
- 2000-2005: मांगी लाल मीणा — एसटी सीट
- 2005-2010: चम्पा लाल जाट — सामान्य सीट
- 2010-2015: प्रताप लाल मीणा — सामान्य सीट
- 2015-2020: सोसर देवी भावपुरा — सामान्य महिला सीट
- 2020-2026: धन्नी देवी भावपुरा — एसटी महिला सीट
आरक्षण की लॉटरी
के साथ ही लूणदा और अमरपुरा जागीर दोनों में चुनावी बिसात बदल गई है। अब दावेदारों
की नजर नामांकन और चुनावी रणनीति पर रहेगी।





