भाजपा ने स्थानीय युवा चेहरे चुण्डावत पर जताया भरोसा,कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय मैदान में
कांग्रेस ने राजसिंह झाला को बनाया प्रत्याशीय, पंचायत समिति के वार्ड 10 में भी त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
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Yuvraj Pachori
Journalist
October 13, 2026
3 min read
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लूणदा। पंचायतीराज चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। उदयपुर जिला परिषद के वार्ड संख्या 32 में भाजपा-कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के साथ निर्दलीय उम्मीदवार के मैदान में उतरने से चुनावी समीकरण रोचक होते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस से टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे दिगपाल सिंह राठौड़ ने पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय नामांकन दाखिल कर चुनावी मुकाबले को नया मोड़ दे दिया है। वहीं भाजपा ने स्थानीय युवा चेहरे अर्जुन सिंह चुण्डावत गढपुरा पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनावी मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने राजसिंह झाला को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में वार्ड 32 में त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना बनती दिखाई दे रही है।
कांग्रेस के सामने बगावत की चुनौती, राठौड़ ने निर्दलीय भरा पर्चा
जिला परिषद सदस्य के लिए कांग्रेस से दिगपाल सिंह राठौड़ प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने राजसिंह झाला को अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया। इसके बाद राठौड़ ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं में नाराजगी की बात भी सामने आ रही है। नाराज कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पार्टी ने स्थानीय दावेदारों की अनदेखी करते हुए बाहरी प्रत्याशी को मौका दिया है। उनका कहना है कि वार्ड क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं में से किसी को प्रत्याशी नहीं बनाया गया। ऐसे में निर्दलीय उम्मीदवार के मैदान में उतरने से कांग्रेस के चुनावी समीकरण प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
भाजपा ने स्थानीय चेहरे पर खेला दांव, चुण्डावत को दिया मौका
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने जिला परिषद वार्ड 32 से अर्जुन सिंह चुण्डावत को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। चुण्डावत ने मंगलवार को उदयपुर कलेक्ट्रेट पहुंचकर नामांकन पत्र दाखिल किया। भाजपा ने इस बार स्थानीय और युवा चेहरे पर भरोसा जताकर चुनावी मैदान में अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया है। चुण्डावत पिछले कई वर्षों से सामाजिक गतिविधियों एवं समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय रहे हैं। स्थानीय क्षेत्र से जुड़ाव और लोगों के बीच संपर्क को उनकी दावेदारी की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा को उम्मीद है कि स्थानीय पहचान और युवा नेतृत्व का लाभ चुनाव में मिल सकता है। हालांकि मतदाताओं का रुख क्या रहेगा, यह चुनाव परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगा।
पंचायत समिति के वार्ड 10 में भी त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
इधर, भीण्डर पंचायत समिति के वार्ड संख्या 10 लूणदा-अमरपुरा जागीर में भी चुनावी मुकाबला रोचक होने के आसार हैं। यहां तीन प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें कुबेर सेना समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी शम्भुलाल मीणा, कांग्रेस प्रत्याशी जितेन्द्र कुमार मीणा तथा भाजपा प्रत्याशी शम्भुलाल मीणा निवासी गोपा की भागल शामिल हैं। तीनों प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से वार्ड में त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बन रही है। भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधे मुकाबले की संभावनाओं के बीच निर्दलीय प्रत्याशी की मौजूदगी दोनों प्रमुख दलों के चुनावी समीकरण प्रभावित कर सकती है।
स्थानीय बनाम बाहरी प्रत्याशी का मुद्दा पकड़ सकता है जोर
जिला परिषद वार्ड 32 में इस बार स्थानीय बनाम बाहरी प्रत्याशी का मुद्दा भी चुनावी चर्चा का केंद्र बन सकता है। एक ओर भाजपा स्थानीय चेहरे को चुनावी मैदान में उतारकर क्षेत्रीय जुड़ाव को प्रमुखता दे रही है, वहीं कांग्रेस को टिकट वितरण से उपजी कथित नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। निर्दलीय प्रत्याशी दिगपाल सिंह राठौड़ की मौजूदगी से मुकाबले में नया समीकरण बनता दिखाई दे रहा है। अब नामांकन वापसी के बाद ही चुनावी मैदान की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी। फिलहाल जिला परिषद वार्ड 32 से लेकर पंचायत समिति वार्ड 10 तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और प्रत्याशियों के साथ समर्थक भी चुनावी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।