भीण्डर पंचायत समिति की 19 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार, भाजपा-कांग्रेस के साथ कुबेर सेना भी चुनावी मैदान में ठोकेगी ताल
लूणदा। पंचायतीराज चुनाव की रणभेरी बजने के साथ
ही वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जिला परिषद
एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए नामांकन दाखिल करने का मंगलवार को अंतिम दिन
है। ऐसे में राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की सक्रियता लगातार
बढ़ती जा रही है। वहीं, चुनावी माहौल के बीच भाजपा और कांग्रेस
दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों में अंदरूनी गुटबाजी भी खुलकर सामने आती नजर आ रही
है। दोनों दलों के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता अलग-अलग खेमों में बंटे दिखाई दे
रहे हैं। इससे चुनावी समीकरणों के साथ ही अधिकृत प्रत्याशियों के चयन को लेकर भी
चर्चाओं का बाजार गर्म है।
पंचायतीराज चुनाव
में जहां एक ओर राजनीतिक दल अपनी-अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाने में
जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी के भीतर चल रही
खींचतान चुनावी गणित को प्रभावित कर सकती है। विशेषकर जिला परिषद के वार्ड संख्या 32 और भीण्डर पंचायत समिति के विभिन्न
वार्डों में प्रत्याशियों की दावेदारी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।
भीण्डर पंचायत समिति में होगा त्रिकोणीय मुकाबला
भीण्डर पंचायत
समिति के चुनाव इस बार भी पिछले चुनावों की तरह दिलचस्प रहने के आसार हैं। इसकी
प्रमुख वजह भाजपा और कांग्रेस के अलावा कुबेर सेना की चुनावी मैदान में मौजूदगी
है। पंचायत समिति की कुल 19 सीटों पर भाजपा, कांग्रेस और कुबेर सेना के बीच त्रिकोणीय
मुकाबला।
कुबेर सेना की
सक्रियता ने दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। हालांकि, वास्तविक चुनावी तस्वीर नामांकन वापसी और
प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
भाजपा में डांगी और भीण्डर गुट के बीच दूरियां बरकरार
वल्लभनगर विधानसभा
क्षेत्र में भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी किसी से छिपी नहीं है। क्षेत्र में भाजपा के
दो प्रमुख राजनीतिक खेमे सक्रिय नजर आते हैं। एक खेमा वर्तमान वल्लभनगर विधायक
उदयलाल डांगी के समर्थकों का है, जबकि दूसरा खेमा
पूर्व विधायक रणधीर सिंह भीण्डर से जुड़े कार्यकर्ताओं का माना जाता है।
दोनों नेताओं के
समर्थकों के बीच राजनीतिक दूरियां लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई हैं। स्थिति
यह है कि दोनों खेमों के कार्यकर्ता एक मंच पर आने से कतराते नजर आते हैं। विधायक
उदयलाल डांगी की ओर से आयोजित बैठकों और राजनीतिक कार्यक्रमों में पूर्व विधायक
रणधीर सिंह भीण्डर से जुड़े कार्यकर्ताओं की उपस्थिति कम देखने को मिलती है। इसी तरह से भीण्डर की राजनीतिक बैठकों मे उदयलाल डांगी के कार्यकर्ताओं
की उपस्थिति नही देखने को मिलती वहीं, दोनों खेमों के बीच आपसी समन्वय का अभाव
भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। पंचायतीराज चुनाव के दौरान यह गुटबाजी और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। पार्टी के
सामने अधिकृत प्रत्याशियों के समर्थन में सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की
चुनौती रहेगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि चुनावी मैदान में भाजपा के दोनों खेमे
आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होते हैं या फिर गुटबाजी का असर चुनाव परिणामों पर भी
दिखाई देगा।
भीण्डर पंचायत
समिति के वार्ड संख्या 10, लूणदा–अमरपुरा जागीर में भी चुनावी मुकाबला रोचक होने के आसार हैं। यहां कांग्रेस की
ओर से जितेन्द्र कुमार मीणा ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। वहीं, भाजपा की ओर से गोपा की भागल निवासी
शम्भुलाल मीणा मंगलवार को नामांकन दाखिल करेंगे। इधर, कुबेर सेना की ओर से राणावतों का खेड़ा
निवासी शम्भुलाल मीणा भी अपना नामांकन दाखिल
कर चुके हैं। इस प्रकार वार्ड में भाजपा, कांग्रेस और कुबेर सेना के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति
बनती दिखाई दे रही है।
तीनों दलों की
सक्रियता के चलते वार्ड में चुनावी माहौल गरमाने लगा है। प्रत्याशी और उनके समर्थक
मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हुए हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प
होगा कि मतदाता किस प्रत्याशी पर भरोसा जताते हैं।
कांग्रेस में भी गुटबाजी, जिला परिषद वार्ड 32 से अलग-अलग दावेदार
भाजपा के साथ ही
कांग्रेस में भी गुटबाजी और अलग-अलग राजनीतिक खेमों की सक्रियता सामने आ रही है।
उदयपुर जिला परिषद के वार्ड संख्या 32 से कांग्रेस के भीतर अलग-अलग दावेदारों के सामने आने से
राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस का एक
खेमा राजसिंह झाला के समर्थन में नजर आ रहा है। राजसिंह झाला ने सोमवार को उदयपुर
कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला परिषद सदस्य पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान
उनके समर्थक भी मौजूद रहे।
वहीं, कांग्रेस का दूसरा खेमा महेन्द्र सिंह
राठौड़ के समर्थन में सक्रिय बताया जा रहा है। महेन्द्र सिंह राठौड़ भी मंगलवार को
जिला परिषद सदस्य पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। ऐसे में एक ही वार्ड से कांग्रेस
के दो दावेदारों के सामने आने से पार्टी के भीतर टिकट को लेकर चल रही खींचतान
चर्चा का विषय बन गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कांग्रेस की
ओर से वार्ड संख्या 32 में अधिकृत प्रत्याशी किसे घोषित किया
जाएगा। यदि दोनों खेमों के बीच सहमति नहीं बनती है तो इसका असर कांग्रेस के चुनावी
समीकरणों पर पड़ सकता है।
भाजपा से अर्जुन सिंह चुण्डावत मंगलवार को भरेंगे नामांकन
इधर, उदयपुर जिला परिषद के वार्ड संख्या 32 से भाजपा की ओर से अर्जुन सिंह चुण्डावत
मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों की ओर से
चुनावी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। वार्ड संख्या 32 में विभिन्न ग्राम पंचायतों के मतदाता
जिला परिषद सदस्य का चुनाव करेंगे। ऐसे में प्रत्याशियों के चयन के साथ ही स्थानीय
राजनीतिक समीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विशेषकर दोनों प्रमुख दलों में चल
रही गुटबाजी के बीच प्रत्याशियों के पक्ष में कार्यकर्ताओं की एकजुटता चुनाव
परिणामों को प्रभावित कर सकती है।
नामांकन के अंतिम दिन साफ होगी चुनावी तस्वीर
जिला परिषद और
पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए मंगलवार को नामांकन का अंतिम दिन होने के कारण
राजनीतिक हलचल और तेज रहने की संभावना है। अंतिम दिन विभिन्न दलों के प्रत्याशियों
के साथ निर्दलीय दावेदार भी नामांकन दाखिल कर सकते हैं। फिलहाल वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के
भीतर अलग-अलग खेमों की सक्रियता चुनावी चर्चाओं के केंद्र में है। दूसरी ओर कुबेर
सेना की मौजूदगी ने भीण्डर पंचायत समिति के चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है।




