20 वार्डों में कांग्रेस के 14 और भाजपा के 6 प्रत्याशियों ने दर्ज की जीत, निर्दलीयों का सूपड़ा साफ
A
Abhishek Dhing
Journalist
September 14, 2026
3 min read
Share:
कानोड़। कानोड़ नगर पालिका चुनाव 2026 की मतगणना सोमवार को पंडित उदय जैन महाविद्यालय में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। मतगणना के परिणाम सामने आते ही नगर पालिका में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। कुल 20 वार्डों में कांग्रेस के 14 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, जबकि भाजपा के खाते में 6 वार्ड आए। इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों को करारी हार का सामना करना पड़ा और उनका खाता भी नहीं खुल सका।
कांग्रेस के स्पष्ट बहुमत के साथ ही नगर पालिका में कांग्रेस का बोर्ड बनना लगभग तय माना जा रहा है। भाजपा की प्रदेश में सरकार होने के बावजूद कानोड़ नगर पालिका के चुनाव परिणाम कांग्रेस के पक्ष में रहे। परिणाम घोषित होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने जीत पर खुशी जताते हुए एक-दूसरे को बधाई दी।
नगर पालिका के 20 वार्डों में हुए मुकाबले में कई वार्डों में प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। वहीं कुछ वार्डों में प्रत्याशियों ने अपेक्षाकृत बड़े अंतर से जीत हासिल की। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद अब नगर पालिका की आगामी राजनीति को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
वार्ड 19 बना हॉट सीट
कानोड़ नगर पालिका का वार्ड नंबर 19 चुनाव परिणाम को लेकर खासा चर्चा में रहा। यहां कांग्रेस प्रत्याशी दिनेश प्रजापत ने निर्दलीय प्रत्याशी को महज 2 वोटों के मामूली अंतर से हराकर जीत दर्ज की। बेहद करीबी मुकाबले के चलते वार्ड 19 पूरे चुनाव में हॉट सीट बना रहा। अंतिम परिणाम तक दोनों प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली और महज दो वोटों से कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में परिणाम गया।
अब अध्यक्ष पद के चुनाव पर निगाहें
कांग्रेस के पूर्ण बहुमत हासिल करने के बाद अब सभी की निगाहें नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव पर टिक गई हैं। नगर पालिका अध्यक्ष पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित है। ऐसे में कांग्रेस के 14 निर्वाचित पार्षदों में से अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी, इसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के भीतर संभावित दावेदारों को लेकर भी राजनीतिक समीकरण बनने लगे हैं। वहीं उपाध्यक्ष पद को लेकर भी पार्षदों के बीच रणनीति और संभावित समीकरणों पर चर्चा शुरू हो गई है। कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण बोर्ड गठन में किसी प्रकार की परेशानी नजर नहीं आ रही है। नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव 21 सितंबर को कराया जाएगा, जबकि 22 सितंबर को उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। अब देखना होगा कि कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष पद के लिए किस पार्षद पर भरोसा जताती है और नगर पालिका की नई कार्यकारिणी किस तरह आकार लेती है।